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सांस लेने में होती है तकलीफ, ये 3 कारण हो सकते हैं जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°
शरीर में जितनी à¤à¥€ कोशिका है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जीवित और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इसके अलावा आपके शरीर को कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने की à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इन दोनों कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को करने के लिठफेफड़ों का सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ रहना बहà¥à¤¤ ही जरूरी है। सांस नली के जाम होने या फेफड़ों में छोटी-मोटी परेशानी होने पर सांसें छोटी आने लगती हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें यदि आपको यह समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय से है तो यह किसी दूसरी बीमारी का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है, जैसे असà¥à¤¥à¤®à¤¾, कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज यानी (सीओपीडी) और निमोनिया।
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सांस लेने में तकलीफ हृदय रोग à¤à¥€ हो सकता है
दिल के रोग जैसे, à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾, हारà¥à¤Ÿ अटैक, हारà¥à¤Ÿ फेलियर, जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ दिल में परेशानी या à¤à¤°à¥€à¤¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ आदि दिल की बीमारियों के चलते à¤à¥€ सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। दरअसल, दिल की मांसपेशियां कमजोर होने पर वे सामानà¥à¤¯ गति से पंप नहीं कर पातीं। फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सांस लेने में तकलीफ होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोग रात में जैसे ही सोने के लिठलेटते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खांसी आने लगती है। इसके अलावा इसमें पैरों या टखनों में à¤à¥€ सूजन आ जाती है और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकान रहती है।
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बेचैनी à¤à¥€ है à¤à¤• कारण
तनाव और डर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेचैन होता है और à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वह कई बार गलत निरà¥à¤£à¤¯ à¤à¥€ ले लेता है। दरअसल, बेचैनी हाइपर-वेंटिलेशन की वजह से होती है यानी जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सांस लेना। सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हम दिन में 20,000 बार सांस लेते और छोड़ते हैं। ओवर-बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग में यह आंकड़ा बढ़ जाता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेते हैं और उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कारà¥à¤¬à¤¨ डाईऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ à¤à¥€ छोड़ते हैं। शरीर को यही महसूस होता रहता है कि हम परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सांस नहीं ले रहे।
वजन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना
जिसका वजन जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगा, उसे सांस लेने में उतनी ही तकलीफ होगी। आपको बता दें कि मोटे लोगों को सांस फूलने की बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है। सांस के लिठमसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से आने वाले निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ का पैटरà¥à¤¨ बदल जाता है। वजन में इजाफा और सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ की कमी रोजमरà¥à¤°à¤¾ के कामों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में थोड़ा सा चलने, दौड़ने या सीढि़यां चढ़ने पर परेशानी होने लगती है।
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यूं पाà¤à¤‚ सांस में तकलीफ से राहत
- अपने घर को साफ रखने के अलावा अपने बिसà¥à¤¤à¤° को à¤à¥€ साफ रखें। घर में वेंटिलेशन का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
- सिगरेट पीेते हैं तो इसे जलà¥à¤¦à¥€ से छोड़ दें। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ की वजह से न केवल आपको सांस लेने में दिकà¥à¤•त होगी बलà¥à¤•ि कैंसर जैसी कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¥€ आपको सामना करना पड़ सकता है।
- खाने में बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, गोà¤à¥€, पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€, पालक और चौलाई को शामिल करें।
- वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं करते हैं तो आप सà¥à¤¬à¤¹-शाम वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना शà¥à¤°à¥‚ कर दें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें, अगर आप पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित शहर में रहते हैं, तो कोशिश करें कि आप घर पर ही वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
- वजन कम करने की कोशिश करें। अमेरिकी डायबिटीज à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ की रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, मोटापा फेफड़े को सही ढंग से काम करने से रोकता है। इसके लिठआप अपने खाने-पीने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
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